दिल्ली की शराब नीति पर भड़की राजनीति

Share

दिल्ली के उपराज्यपाल ने एक्साइज ड्यूटी मामले पर दिए सीबीआई जांच के आदेश

नई दिल्ली : वैसे तो दिल्ली सरकार और दिल्ली के उपराज्यपाल में नोक -झोंक चलती रहती है । ऐसे में एक बार फिर दोनों एक दूसरे के खिलाफ खड़े दिख रहे हैं ।

untitled design 2022 07 22t110234.632 sixteen nine
aajtak


शुक्रवार को दिल्ली के उपराज्यपाल एलजी विनय कुमार सक्सेना ने केजरीवाल सरकार के खिलाफ बड़ा एक्शन लेते हुए एक्साइज ड्यूटी मामले में सीबीआई जांच के आदेश दिए हैं ।

दिल्ली सरकार द्वारा शराब के टेंडर में हो रही गड़बड़ी के कारण एलजी द्वारा यह कदम उठाया गया । आरोप है कि दिल्ली सरकार ने आबकारी नीति को नजरअंदाज करते हुए शराब की दुकानों के टेंडर दिए हैं ।


उपराज्यपाल द्वारा यह कार्यवाही दिल्ली के चीफ सेक्रेटरी की रिपोर्ट पर की गई है । जिसके मुताबिक केजरीवाल सरकार पर जीएनसीटीडी एक्ट 1991 व्यापार , लेनदेन नियम 1993 , दिल्ली अखबारी नीति 2009 दिल्ली अखबारी अधिनियम 2010 के उल्लंघन का आरोप है ।

इसके अलावा न्यूज़ एजेंसी पीटीआई के अधिकारियों के मुताबिक “टेंडर में जानबूझकर प्रक्रियागत खामियां छोड़ी गई है । ताकी शराब लाइसेंसियों अनुचित अनुचित फायदा पहुंचे ।” कथिततौर पर सरकार ने शराब माफियाओं को कोरोना के बाद 144 करोड़ का लाभ पहुंचाया है  ।

क्या है नही आबकारी नीति 2021- 22

नई आबकारी नीति के तहत दिल्ली सरकार ने शराब की बिक्री एवं खरीद पर काफी बदलाव किए हैं । नई पॉलिसी के तहत होटल ,बार, क्लब रेस्टोरेंट को रात 3:00 बजे तक खुले रहने की छुट्टी गई । अब उन्हें छत समेत किसी भी खुले स्थान पर शराब परोसने की आजादी है । इससे पहले ऐसा करना मना था ।

बार में किसी भी तरह के मनोरंजन का इंतजाम किया जा सकता है । इसके अलावा काउंटर पर खोले गए बोतल के सेल्फ लाइफ पर कोई पाबंदी नहीं है ।


नई नीति के तहत शराब दुकानों का लाइसेंस देने के लिए दिल्ली को 32 जोन में बांटा गया है । इन 32 जोन में  कुल 850 से में 650 दुकानें खुल गयी हैं ।

मुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया पर क्यों लग रहे हैं आरोप

दरअसल दिल्ली का एक्साइज विभाग मनीष सिसोदिया के अंतर्गत कार्यरत है । इसी कारण ऐसा माना जा रहा है कि इस घोटाले में मनीष सिसोदिया बराबर के हिस्सेदार हैं । लेकिन मुख्यमंत्री केजरीवाल ने सिसोदिया को क्लीन चिट देते हुए कहा कि सिसोदिया कट्टर ईमानदार व्यक्ति हैं ।

दिल्ली सरकार का तर्क

पिछले हफ्ते दिल्ली सरकार ने हाईकोर्ट में कहा था कि नई आबकारी नीति 2021-22 से उनका मकसद शराब के क्षेत्र में सामान प्रतिस्पर्धा उपलब्ध कराना है। उन पर लगे भ्रष्टाचार की सभी आशंकाएं काल्पनिक है।

आप नेता सौरभ भारद्वाज ने बीजेपी पर निशाना साधते हुए कहा कि केंद्र सरकार हमारी सरकार से घबरा गई है इसलिए हमारे काम को रोकने के लिए वह ऐसे कदम उठा रही है । 2016 में भी केंद्र सरकार हमारी 1 साल की उपलब्धि से घबरा गई थी और उसके द्वारा एलजी को निर्देश देकर हमारे 400 फाइलों की जांच कराई गई थी । जिसमें कुछ नहीं निकला था ।


एक बार फिर पंजाब की जीत से मोदी सरकार घबरा गई है । इसी कारण उप मुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया को फंसाने का षड्यंत्र रचा जा रहा है ।केंद्र सरकार के इशारे पर सीबीआई को जांच के निर्देश दिए गए हैं ।

कांग्रेस और भाजपा एक साथ

सबसे अधिक चौंकाने वाली बात यह है कि दिल्ली के एक्साइज पॉलिसी के विरोध में कांग्रेस और भाजपा एक साथ नजर आ रहे हैं ।
भाजपा सांसद गौतम गंभीर ने ट्वीट कर लिखा कि
“सुना है दिल्ली में शराब का कारोबार करने वाले मंत्री पर भी कार्यवाही होने वाली है । एक मंत्री पहले से ही जेल में है ,अब दूसरा भी तैयार है ।”

 59 Views