2.पप्पू यादव की गिरफ्तारी की वजह;

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पप्पू यादव की गिरफ्तारी की वजह, मधेपुरा के उदाकिशुनगंज के कुमार खंड थाने में 1989 में अपहरण का एक मामला हुआ था दर्ज,

पप्पू यादव की गिरफ्तारी की वजह, मधेपुरा के उदाकिशुनगंज के कुमार खंड थाने में 1989 में अपहरण का एक मामला दर्ज हुआ था, जिसमें पप्पू यादव अभियुक्त थे. इस मामले में पप्पू यादव ने बेल ली हुई थी, लेकिन ये बेल टूट गई थी.

पप्पू यादव के खिलाफ कई बार जारी हुआ वारंट

जन अधिकारी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और पूर्व सांसद पप्पू यादव को देर रात सुपौल की वीरपुर जेल में शिफ्ट किया गया है. 32 साल पुराने एक अपहरण केस में पप्पू यादव की मंगलवार को पटना में गिरफ्तारी हुई. इसके बाद उन्हें मधेपुरा लाया गया, जहां कोर्ट ने पप्पू यादव को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया है

1989 में हुआ था दो युवकों का अपहरण,

बता दें कि बिहार के मधेपुरा के उदाकिशुनगंज के कुमार खंड थाने में 1989 में अपहरण का एक मामला दर्ज हुआ था, जिसमें पप्पू यादव अभियुक्त थे. इस मामले में पप्पू यादव ने…बेल ली हुई थी, लेकिन ये बेल टूट गई थी, जिसके बाद 22 मार्च 2021 को कोर्ट ने वारंट जारी किया था. इसी मामले में पप्पू यादव को गिरफ्तार किया गया है.

क्या है पूरा मामला –

पूर्व सांसद पप्पू यादव पर 29 जनवरी 1989 को अपने चार साथियों के साथ मिलकर दो युवकों का अपहरण करने का आरोप है. मधेपुरा जिला के मुरलीगंज थाना अंतर्गत मिडिल चौक से रामकुमार यादव और उमा यादव का अपहरण किया गया था. इस मामले में शैलेन्द्र यादव ने पप्पू यादव के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई थी.

हालांकि, कुछ दिनों के बाद अपहृत दोनों युवक सकुशल वापस लौट गए थे. इसी मामले में पप्पू यादव की तीन महीने बाद गिरफ्तारी हुई थी. कुछ महीने जेल में रहने के बाद वह जमानत पर बाहर आ गए थे. इसके बाद उनका सियासी सफर शुरू हो गया और विधायक के बाद सांसद बनते चले गए.

कोर्ट ने कई बार जारी किया वारंट इस केस की सुनवाई मधेपुरा में एसीजेएम प्रथम के स्पेशल कोर्ट में चल रही है. कोर्ट ने 10 फरवरी 2020 को पप्पू यादव के खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी किया था लेकिन यह वारंट उन्हें नहीं मिला. 17 सितंबर 2020 को कोर्ट जब नाराज हुआ तो पुलिस ने बताया कि वारंट की कॉपी चौकीदार के द्वारा खो दी गई, जिसके कारण वारंट तामील नहीं हो पाया.

इसके बाद कोर्ट ने वारंट की दूसरी कॉपी जारी की. इसके बाद भी बिहार पुलिस पप्पू यादव को गिरफ्तार नहीं कर पाई। फिर 22 मार्च को कोर्ट ने पप्पू यादव के घर की कुर्की जब्ती का वारंट जारी कर दिया। इसी वारंट को लेकर पुलिस ने पप्पू यादव को गिरफ्तार कर लिया, 32 साल पुराना मामला अब पप्पू यादव के लिए मुसीबत का सबब बनता जा रहा है।

मधेपुरा के उदाकिशुनगंज के कुमार खंड थाने में 1989 में अपहरण का एक मामला दर्ज हुआ था, जिसमें पप्पू यादव अभियुक्त थे। इस मामले में पप्पू यादव ने बेल ली हुई थी, लेकिन ये बेल टूट गई थी। 1989 में हुआ था दो युवकों का अपहरण पप्पू यादव के खिलाफ कई बार जारी हुआ वारंट जन अधिकारी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और पूर्व सांसद पप्पू यादव को देर रात सुपौल की वीरपुर जेल में शिफ्ट किया गया है। 32 साल पुराने एक अपहरण केस में पप्पू यादव की मंगलवार को पटना में गिरफ्तारी हुई।

इसके बाद उन्हें मधेपुरा लाया गया, जहां कोर्ट ने पप्पू यादव को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। बता दें कि बिहार के मधेपुरा के उदाकिशुनगंज के कुमार खंड थाने में 1989 में अपहरण का एक मामला दर्ज हुआ था, जिसमें पप्पू यादव अभियुक्त थे। इस मामले में पप्पू यादव ने…बेल ली हुई थी, लेकिन ये बेल टूट गई थी, जिसके बाद 22 मार्च 2021 को कोर्ट ने वारंट जारी किया था। इसी मामले में पप्पू यादव को गिरफ्तार किया गया है।

क्या है पूरा मामला पूर्व सांसद पप्पू यादव पर 29 जनवरी 1989 को अपने चार साथियों के साथ मिलकर दो युवकों का अपहरण करने का आरोप है। मधेपुरा जिला के मुरलीगंज थाना अंतर्गत मिडिल चौक से रामकुमार यादव और उमा यादव का अपहरण किया गया था। इस मामले में शैलेन्द्र यादव ने पप्पू यादव के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई थी। हालांकि, कुछ दिनों के बाद अपहृत दोनों युवक सकुशल वापस लौट गए थे। इसी मामले में पप्पू यादव की तीन महीने बाद गिरफ्तारी हुई थी, कुछ महीने जेल में रहने के बाद वह जमानत पर बाहर आ गए थे।

इसके बाद उनका सियासी सफर शुरू हो गया और विधायक के बाद सांसद बनते चले गए, कोर्ट ने कई बार जारी किया वारंट इस केस की सुनवाई मधेपुरा में एसीजेएम प्रथम के स्पेशल कोर्ट में चल रही है। कोर्ट ने 10 फरवरी 2020 को पप्पू यादव के खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी किया था लेकिन यह वारंट उन्हें नहीं मिला।

17 सितंबर 2020 को कोर्ट जब नाराज हुआ तो पुलिस ने बताया कि वारंट की कॉपी चौकीदार के द्वारा खो दी गई, जिसके कारण वारंट तामील नहीं हो पाया, इसके बाद कोर्ट ने वारंट की दूसरी कॉपी जारी की इसके बाद भी बिहार पुलिस पप्पू यादव को गिरफ्तार नहीं कर पाई, फिर 22 मार्च को कोर्ट ने पप्पू यादव के घर की कुर्की जब्ती का वारंट जारी कर दिया. इसी वारंट को लेकर पुलिस ने पप्पू यादव को गिरफ्तार कर लिया। 32 साल पुराना मामला अब पप्पू यादव के लिए मुसीबत का सबब बनता जा रहा है।

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