कोरोना के चार सबसे खतरनाक वैरिएंट में से तीन भारत में सक्रिय

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रूप बदलकर बन रहा अधिक शक्तिशाली कोरोना

हमने फिल्मों में राक्षस को अपना रूप बदलकर शक्तिशाली बनते देखा है लेकिन असल जिंदगी में ये पहला मौका है जब हम ऐसा कुछ देख रहे है । बीते डेढ़ सालों से विश्व कोरोना राक्षस से लड़ रहा है । लेकीन ये हर बार रूप बदल कर और शक्तिशाली बनकर सामने आ जाता है । अभी तक कोरोना के कई रूप सामने आ चुके हैं । जिनमें से कुछ बहुत ही संक्रामक और घातक है ।

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thewebnews.in

अभी भारत दूसरी लहर से उभर रहा है । तभी तीसरी लहर की चेतावनी मिल चुकी है । इस तीसरी लहर का कारण इनमें से कोई भी वैरिएंट हो सकता है । इसलिए जाहिर है कि आने वालों लहर पिछले दोनों लहरों से ज्यादा खतरनाक होगी ।

कोरोना के चार सबसे ख़तरनाक वैरिएंट है

1. डेल्टा वैरिएंट

कोरोना का डेल्टा वैरिएंट (बी.1.617.2) मूल वैरिएंट का म्यूटेटेड स्वरूप है। भारत में इस साल की शुरुआत में इस वैरिएंट के मामले सबसे पहले सामने आए। कई अध्ययनों से पता चलता है कि यह म्यूटेटेड वायरस काफी संक्रामक हो सकता है।

भारत में दूसरी लहर में दिखी तबाही के लिए इसी वैरिएंट को प्रमुख कारण के रूप में देखा जा रहा है। इसकी संक्रामकता को देखते हुए विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) ने इसे वैरिएंट ऑफ कंसर्न के रूप में वर्गीकृत किया है।

कुछ रिपोर्टस में दावा किया जा रहा है कि दुनियाभर में दी जा रही वैक्सीन कोरोना के इस वैरिएंट के खिलाफ आठ गुना तक कम प्रभावी हो सकती हैं। हाल के दिनों में यूके और इज़राइल में डेल्टा वैरिएंट के कारण ही कोरोना के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं ।

2. डेल्टा प्लस वैरिएंट

डेल्टा प्लस को डेल्टा वैरिएंट का म्यूटेंटड माना जा रहा है । भारत के कुछ राज्यो में इसके केस मिले है । स्वास्थ्य विशेषज्ञ इसे डेल्टा से अधिक खतरनाक और संक्रामक मान रहे हैं । भारत में आने वाली संभवित तीसरी लहर में इसी वैरिएंट का प्रकोप होने की संभावना है । डेल्टा प्लस वैरिएंट भारत के अलाव 9 देशों में पाया गया है ।जिसमेंं यूके, पुर्तगाल ,स्विजरलैंड , रूस , पोलैंड , चीन नेपाल और जापान शामिल है ।

3.लैम्बडा वैरिएंट

दुनिया के कई देशों में लैम्बडा वैरिएंट के कारण संक्रमण के मामलों में बढ़ोतरी की खबर है। हालिया रिपोर्ट में यह भी बताया जा रहा है कि इस वैरिएंट में एक-दो नहीं, सात म्यूटेशन देखे गए हैं। सबसे पहले पेरू में मिला कोरोना का यह घातक वैरिएंट अब अमेरिका और ब्रिटेन सहित दुनियाभर के कई देशों में फैल चुका है।

स्वास्थ्य विशेषज्ञ इसे दुनियाभर में चिंता का कारण बने कोरोना के डेल्टा वैरिएंट से भी खतरनाक मान रहे हैं। अब तक यह 31 से ज्यादा देशों में फैल चुका है। वैज्ञानिकों का कहना है कि कोरोना के इस वेरिएंट के स्पाइक प्रोटीन में कई सारे म्यूटेशन देखे गए हैं, जो इसकी ट्रांसमिसिबिलिटी यानी संक्रमकता की दर काफी अधिक बढ़ा देती है।

कुछ रिपोर्टस में इसे कोरोना का सबसे संक्रामक स्वरूप भी बताया जा रहा है। फिलहाल इस वैरिएंट के मामले भारत में सामने नहीं आए हैं।

4 . कप्पा वैरिएंट

कोरोना का कप्पा वैरिएंट (बी.1.167.1) पहली बार अक्टूबर 2020 में भारत में पाया गया था। यह कोरोनावायरस का एक डबल म्यूटेंट स्ट्रेन है। ब्राजील और दक्षिण अफ्रीका में कप्पा वैरिएंट के मामले तेजी से बढ़ने की खबर है। इसकी जटिल प्रकृति को देखते हुए डब्ल्यूएचओ ने इसे “वैरिएंट ऑफ इंटरेस्ट” के रूप में वर्गीकृत किया है।

शोध बताते हैं कि कप्पा वैरिएंट में प्राकृतिक संक्रमण और वैक्सीन, दोनों से बनी प्रतिरक्षा को मात देने की क्षमता है। यही कारण है इस वैरिएंट को विशेषज्ञ बेहद संक्रामक और खतरनाक मान रहे हैं।

स्वरूप बदल कर वार करने वाले इस कोरोना से लड़ना बेहद ही मुश्किल है । इसपर वार करने वाला सटीक हथियार जब तक ना मिले तब तक इससे बचकर रहना ही हमारे और हमारे देश के लिए हितकर होगा । इसलिए गज दूरी और मास्क है जरूरी ।

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