कोरोना की तीसरी लहर ,बच्चों पर ढाएगी कहर

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बच्चों में कोविड19 के क्या है लक्षण ,
कैसे करे घर पर उसका उपचार

कोरोना की तीसरी लहर , कोरोना की दूसरी लहर अब अपने अंतिम पड़ाव पर है । लाखों लोगों की जान लेने के बाद अब इसकी रफ्तार कम हो रही है । ये सिलसिला इसी तरह चलता रहा तो जल्द ही कोरोना की तीसरी लहर का सामना करना पड़ सकता है। पिछले 24 घंटे में 2.67 लाख नये मामले मिले हैं जबकि 3 लाख 89 हजार 851 लोग ठीक हो कर घर गए है । ये शुभ संकेत है लेकिन चिन्ता का विषय कोरोना की तीसरी लहर है । विशेषज्ञों का मानना है कि कोरोना की तीसरी लहर बच्चों के लिए घातक सिद्ध होगी ।

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Asianetnews

कोरोना की तीसरी लहर बच्चों के लिए अभिशाप सिद्ध होने वाला है, विशेषज्ञों का मानना है की भारत में बढ़ाते मामलों पर अभी लगाम नहीं लगाया गया तो कोरोना की तीसरी लहर आ सकती है जो बच्चों के लिए हानिकारक हो सकता है ।

बच्चों में कोरोना के लक्षण

स्वास्थ्य मंत्रालय ने जो गाइडलाइन जारी की ही उसके मुताबिक जरूरी नहीं की बच्चों में कोविड के लक्षण दिखे ही यदि घर में कोई संक्रमित है तो भी बच्चों पर अधिक ध्यान देने की जरूरत है । यदि लक्षण दिखेगे तो वो भी साधारण ही होंगे –
बुखार
-खांसी
-सांस की तकलीफ
-थकान
-गले में खरास
-दस्त
-राइनोरिया
-गैस्ट्रोइंटेस्टाइनल
-सूंघने की क्षमता को खोना
रिपोर्ट के अनुसार बच्चों में इसके अलावा एक नया लक्षण मल्टी सिस्टम इन्फ्लेमेटरी सिंड्रोम देखने के लिए मिला है। इसमें बच्चों को लगातार बुखार रह रहा है उनका तापमान 38 ℃ से अधिक हो जा रहा है ।

हल्के लक्षण वाले बच्चों का घर पर करें इलाज

घर का वातावरण बच्चों के लिए किसी दवा से कम नही होता है । यदि बच्चों में हल्का लक्षण दिख रहा है तो घर ही उनका इलाज करना चाहिए ।
• बुखार में पैरासिटामोल माला 10 – 15 mg 4 से 6 घंटे के अंतराल पर दे ।
• खाँसी में गर्म पानी पीने को दे । गलाला कराए ।
• डाइट- हाइड्रेशन कमी को दूर करने वाले और पोषक मिलने वाले खाने को ही खाएं।
• डॉक्टर की सलाह लेते रहे ।
• जन्मजात ह्रदय रोग, फेफड़े का पुराना रोग और मोटापा जैसी स्थितियों में डॉक्टर की निगरानी में इनका इलाज किया जाना चाहिए ।

बच्चों के लिए टिके के ट्रायल की मंजूरी 13मई को मिल चुकी है ।13 मई को भारत के ड्रग रेगुलेटरी ने भारत बायोटेक को 2-18 साल की उम्र के बच्चों के लिए कोवैक्सीन के ट्रायल की परमिशन दे दी गई थी। ये भारत में नाबालिगों में ट्रायल किया जाने वाला पहला कोरोना वायरस टीका साबित हो सकता है।

जब तक टिका सफल ना हो खुद भी बचे ओर बच्चों को भी बचाये । अपनी सावधानी से कोरोना को हराये ।

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